Rakshabandhan 2020 जाने क्या है आज के शुभ मुहूर्त, किस मुहूर्त पर बांधने की राखियां

Rakshabandhan 2020: आज पूरे भारतवर्ष में रक्षाबंधन का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। राखी का यह त्यौहार भाई बहन के प्यार का प्रतीक का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के दाहिने हाथ की कलाई पर एक रक्षा कवच यानि राखी के रूप में बांधती हैं। इस दिन बहन भाई से अपने रक्षा का वचन लेती है। इस दिन बहनें अपने भाई की दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना भी करती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हर शुभ अवसर पर शुभ घड़ी का विचार किया जाता है। रक्षाबंधन के दिन भी शुभ मुहूर्त को देखा जाता है। इसलिए भद्राकाल में राखी नहीं बांधी जाती है। रक्षाबंधन सुबह 9:29 बजे तक भद्राकाल रहेगा। वहीं आज सुबह 7:30 बजे के बाद पूरे दिन श्रावण नक्षत्र रहेगा। इसके साथ पूर्णिमा तिथि रात्रि 9:30 बजे तक रहेगी।

आज के दिन किस मुहूर्त को बताया जाता है शुभ

हिंदू पंचांग गणना के अनुसार रक्षाबंधन के आज दिन भर तीन शुभ मुहूर्त बताए जा रहे हैं। शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांधना बेहद शुभ होता है। आज दिन में राखी बांधने का पहला शुभ मुहूर्त सुबह 9:35 से 11.07 तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 2:35 से लेकर 3::35 तक रहेगा और अंतिम मुहूर्त 4:00 से रात 8:35 तक रहने वाला है। इसके अलावा यदि कोरोना की वजह से आज राखी नहीं बांध पा रहे हैं तो जन्माष्टमी तक भी राखी बांधी जा सकती है।

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भद्र काल में क्यों नहीं बांधते राखी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा एक विशेष समय होता है। जिसमें किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता। अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रा रहित काल में शुभ कार्य करने से पर कार्य में सिद्धि और विजय प्राप्ति होती है। वहीं कुछ का यह मानना है कि भद्रा शनिदेव की बहन है। जिस कारण से उसका स्वभाव भी शनि की तरह करूर है। ऐसे में भद्र काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य करना अच्छा नहीं होता। शास्त्रों में रक्षाबंधन का पावन कर्म भद्रा रहित समय के समय में करने का विधान है।

शुभ मुहूर्त पर क्यों बांधनी चाहिए राखी

अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रा रहीत कल में भाई की कलाई पर राखी बांधना से भाई के कार्य सिद्धि और विजय प्राप्ति होती है। इसी चंद्रमा अपने नक्षत्र और मकर राशि में रहेगा। इसलिए भद्रक आवास पाताल लोक में रहेगा। अतः इस बार भद्र काल में भाय भी नहीं रहेगा। यह पर्व सभी भाई बहनों के लिए परम कल्याणकारी होते हैं।

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