टाटा से लेकर Unacademy तक IPL 2020 की स्पॉन्सरशिप दौड़ में शामिल हुए, पतंजलि का भी नाम आया, 18 अगस्त को होगा फैसला

IPL 2020: आईपीएल का आयोजन 19 सितंबर से 10 नवंबर तक इस साल संयुक्त अरब अमीरात में किया जाएगा। इस साल चीन के साथ विवाद के बाद आईपीएल ने चाइना कंपनी विवों को स्पॉन्सर से हटा दिया था। उसके बाद बीसीसीआई आईपीएल स्पॉन्सर को तलाश कर रही थी। इसी की दौड़ में कई कंपनियों ने इसके टाइटल स्पॉन्सर बनने के लिए अपना नाम दर्ज कराया था। जिन्ह में से बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा ग्रुप ने भी इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का टाइटल स्पॉन्सर बनने के लिए अपना ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ जमा कर दिया है। शिक्षा प्रौद्यौगिकी कंपनी ‘अनअकैडमी‘ और फंतासी स्पोर्ट्स मंच ‘ड्रीम11’ ने इस साल चीनी मोबाइल फोन कंपनी वीवो की जगह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के टाइटल प्रायोजन अधिकार हासिल करने के मद्देनजर औपचारिक रूप से रुचि जताने संबंधित दस्तावेज (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) यानी ईओआई सौंप दिए हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को ईओआई जमा करने की अंतिम तारीख शुक्रवार तक ही थी।

टाटा ग्रुप की एंट्री

आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सरशिप में टाटा ग्रुप की ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ जमा कराने के बाद टाइटल्स स्पॉन्सरशिप अधिकार की रेस काफी रोचक हो गई है। भले यह कुछ समय के लिए दी जाए। लेकिन टाटा की एंट्री के बाद इस टाइटल स्पॉन्सरशिप काफी खलबली मच गई है। हालांकि बीसीसीआई उम्मीद जता रहा है कि जो विवों सालाना 440 करोड़ आईपीएल पर खर्च करता था। उसी को देखते हुए इस साल भी स्पॉन्सरशिप में जो भी कंपनी आएगी वह इससे कम करार को लेकर नहीं आएगी। टाटा ग्रुप के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी ने टाइटल आईपीएल के टाइटल अधिकारों के लिए ईओआई जमा करा दी है। इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि टाटा मोटर्स भी आईपीएल टाइटल की रेस में पार्टिसिपेशन करेगा। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। वैसे आपको बता दे की आईपीएल के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है की ईओआई में बोली लगाने की राशि का जिक्र नहीं किया जाता। इसका निर्णय 18 अगस्त को लिया जाएगा।  

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पतंजलि का भी नाम आया

आईपीएल ने इस बात को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी इस प्रयोजन के टाइटल को तब तक हासिल नहीं कर सकती जब तक वह संस्थान की योजनाओं को संतुष्ट नहीं कर पाती। चाइना की विवो कंपनी का करार टूटने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि इस साल गुरु बाबा रामदेव की पंतजलि आईपीएल 2020 की स्पॉन्सरशिप में बोली लगाने की तैयारी कर रही है। हालांकि सूत्रों के हवाले से यह खबर आई थी कि पंतजलि शायद इस बार आईपीएल में स्पॉन्सरशिप कर सकती है। ताकि पंतजलि को ग्लोबल मार्केट मिल सके और इसलिए पंतजलि बीसीसीआई को एक प्रस्ताव भेजने पर विचार कर रही थी। लेकिन इस बात पर गुरु बाबा रामदेव की पंतजलि की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई थी।

बीसीसीआई के साथ विवो कंपनी का करार टूटने का मुख्य कारण भारत और चीन की सीमा पर हुई सैनिकों की भिड़ंत के कारण चीनी कंपनी द्वारा निर्मित सभी प्रकार के उत्पादकों को भारत में बहिष्कार किया जा रहा था। इसी के चलते आईपीएल में भागीदार विवो कंपनी के साथ बीसीसीआई ने अपना करार तोड़ दिया है।

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