New Education Policy 2020: HRD अब से होगा शिक्षा मंत्रालय, भारत की शिक्षा नीतियों में हुआ बहुत बदलाव

New Education Policy 2020: केंद्रीय मानव संसाधन विकास (Human Resource Development) मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक बैठक में यह फैसला लिया गया। साथ ही बैठक में 34 साल बाद नए शिक्षक की नीतियों को मंजूरी भी दे दी गई। सरकार ने पुरानी सभी शिक्षा नीतियों को बदलने का निर्णय लिया है और साथ ही इसमें नई शिक्षा नीति को भी जोड़ा जाएगा। यह बहुत बड़ी खबर है कि 34 साल बाद सरकार ने देश की शिक्षा नीतियों में कुछ फेरबदल किए गए हैं। आपको बहुत ज्ञात होगा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया था कि अब भारत की शिक्षा नीतियों में बदलाव का समय आ गया है। उसमें उन्होंने बताया था कि भारत का मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर देना चाहिए। बैठक में कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। साथ ही इसके देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने का फैसला भी किया है। इस फैसले के साथ पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही नियामक संस्था होगी ताकि अवस्थाओं को समाप्त किया जा सके।

शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षा के लिए एक ही नियामक संस्था नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी (NHRA) या हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया किया है। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निर्माण 1986 में किया गया था। 1962 में इसमें कुछ बदलाव किए गए। अब तीन दशकों के बाद भारत की शिक्षा प्रणाली में बहुत बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। पिछले काफी वर्षों में भारत की शिक्षा प्रणाली हमारी भूतपूर्व आधारशिला के अनुसार चली आ रही थी। जिसमें कई दशकों से समय के अनुसार कोई बदलाव नहीं किए गए थे। वित्त मंत्रालय ने प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का ढांचा तैयार करने पर ज़ोर दिया है। इस ढांचे में अलग-अलग भाषाओं पर भी ज़ोर दिया गया है । 21वीं सदी के शिक्षा के साथ कौशल, कला और वातावरण से जुड़े मुद्दे को शामिल किए जाने पर जोर दिया जाएगा गया है।

300 विश्वविद्यालयों में शुरू होंगे ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम

वित्त मंत्री निर्मला सितारमन ने इस साल के बजट में इस शिक्षा की नीतियों की घोषणा की थी। ये शिक्षा नीतियाँ भारत की शिक्षा के मायने ही बादल देंगी। इसे ने केवल युवाओं को शिक्षा में नए अवसर मिलेगा बल्कि रोजगार हासिल करने में भी आसानी होगी। शिक्षा नीति की घोषणा करते समय कहा था कि शिक्षा के क्षेत्र में एक्सटर्नल कमीज कमीशन कमर्शियल पूर्वी और विदेशी निवेश एफडीआई को लेकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सरकार नई पीढ़ी के इंजीनियरों को इंटेर्न्सिप का अवसर भी मुहैया कराएगी। वहीं राष्ट्रीय पुलिस यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय फोरेंसिक यूनिवरसिटि बनाने का भी प्रस्ताव लाया जा रहा है। इसके अलावा भारत के 100 विश्वविद्यालयों में पूरी तरह से ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रमों को शुरू किए जाने की तैयारी हो रही है।

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